9th Charan Chauki is at Simhad (Nathdwara), at the present Kharch Bhandar

From Shri Girirajji, ShreeNathji reached Simhad in 2 years, 4 months, 7 days. He travelled in His Rath, and when they reached this point His Rath got stuck and would not move. This was in 1672 AD.

Here ShreeNathji’s Rath was stuck in a point under a Pipar tree. Charan Chauki of ShreeNathji is at the present Kharch bhandar.

This is where ShreeNathji stayed on reaching Sinhad (present day Nathdwara) until His grand Haveli and mandir was built.

ShreeNathji gave Hukum to the Balaks, “My bhakt Ajaba Kunwari Bai lived here; so My mandir should be built here, Ranaji desires Me to stay at Udaipur, but that manorath I will fulfill later. At present construct My mandir at Ajab Kunwari Bai sthal. I will live here for a long time; this place reminds Me of Vraj, I like the mountains here”. “There is also the Banaas River which represents Yamunaji”. “This is Ajaba Kunwari’s land”, Shreeji said; “I will stay here. Tell all the Gusain Balak also to build their baithak here”.

As we are not allowed photography inside the Haveli premises, there is no photograph of this place.

(Details can be read in the ‘ShreeNathji moving to Nathdwara’ chapter)


चरण चौकी नाथद्वारा (सिंहाड) में, खर्च भंडार की जगह पर स्थित है

गिरिराज जी से नाथद्वारा पहुँचने में श्रीजी को २ वर्ष, ४ महीने, ७ दिन लगे थे। इस दौरान वे अपने रथ में विराजते थे। सिंहाड पहुँच कर उनका रथ इसी स्थल पर एक पीपर व्रक्ष के नीचे अटक गया था।ये १६७२ AD की बात है। श्रीजी की चरण चौकी खर्च भंडार में स्थित है। हवेली तय्यार होने से पूर्व श्रीजी इस जगह पर विराजे थे।

यहाँ पहुँच कर श्रीनाथजी ने हुकुम करा, “मेरी भक्त अजब कुंवरी बाई यहाँ रहती थी। मेरा मंदिर भी इसी जगह बनना चाहिए। राणाजी चाहते हैं की मैं उनके पास उदयपुर में रहूँ, किंतु उनकी इस इच्छा को कुछ वर्ष बाद पूरा करूँगा।इस जगह पर बहुत वर्षों तक रहूँगा, ये मुझे व्रज की याद दिलाती है।

यहाँ के पर्वत सुहाने है, पास ही में बनास नदी भी बहती है जो यमुना जी की याद दिलाती है।सभी बालक से कहो वे भी यहाँ अपनी बैठक बना लें”।

मंदिर के भीतर फोटो लेना निशेद है, वहीं जा कर दर्शन हो सकते हैं।

(विसरित विवरण ‘श्रीनाथजी का गिरिराज गोवर्धन से श्री नाथद्वारा के लिए रवाना होना’ चैप्टर में है)


View of ShreeNathji Nij mandir, Shree Dhajaji, Shree Sudarshan Chakra t Nathdwara Haveli




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