श्री नाथद्वारा

श्रीनाथजी ३४० वर्ष पहले श्री गिरिराज गोवर्धन से नाथद्वारा पधारे थे। पूर्ण श्रीनाथजी हवेली प्रभु श्री ठाकुरजी के दिव्य एहसास से परीपूर्ण है।
नंदवंश की मूल गौमाता श्रीजी की गौशाला में मौजूद है, जिसका दुग्ध श्रीनाथजी प्रभु आरोगते हैं। नंदवंश की गौमाता गिरिराज जी पर श्रीनाथजी की सेवा में प्रगट हुई थी। इस वंशावली को अभी तक नाथद्वारा गौशाला में संभाल कर रखा हुआ है।